आज की व्यस्त(busy) जीवनशैली में, लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सजग हो गए हैं। बाजार में दूध के इतने प्रकार उपलब्ध हैं कि कभी-कभी चुनना मुश्किल हो जाता है। फुल क्रीम मिल्क, स्किम्ड मिल्क, डबल टोन्ड मिल्क, और टोन्ड मिल्क –इतने सारे नाम सुनकर फिर हमको लगने लगता है कि इन सबके बीच में क्या फर्क है? खासकर जब बात वजन नियंत्रण(control of weight), कोलेस्ट्रॉल, या रोजाना की डाइट की आती है, तो लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं जो फुल क्रीम दूध पीने से डरते हैं क्योंकि उसमें फैट ज्यादा होता है, या फिर स्किम्ड मिल्क का स्वाद आपको पसंद नहीं आता, तो टोन्ड मिल्क आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। या मैं यूँ कह दूँ कि बीच का रास्ता
टोन्ड मिल्क क्या है? क्या यह वाकई हमारे लिए अच्छा है है? ये सवाल अक्सर लोगों के मन में आते हैं, खासकर उन लोगों के जो अपनी डाइट को बैलेंस करना चाहते हैं लेकिन पोषण(nutrition) से समझौता नहीं करना चाहते। यहाँ पर मैंटोन्ड मिल्क के बारे में विस्तार से बात करूँगा। मैं बताऊंगा कि टोन्ड मिल्क कैसे बनता है, इसके पोषक तत्व क्या हैं, फायदे क्या हैं, और क्या कोई नुकसान भी हैं?
दूध कैल्शियम का सबसे समृद्ध आहारीय स्रोतों में से एक है और कई देशों में यह मुख्य डेयरी उत्पाद है। टोन्ड मिल्क पारंपरिक गाय के दूध का थोड़ा संशोधित रूप है लेकिन पोषण की दृष्टि से लगभग सामान ही होता है।अगर आप वेट लॉस जर्नी पर हैं, या बस एक हेल्दी डेयरी ऑप्शन की तलाश में हैं, तो बस ये समझ लीजिये कि इस विषय पर आपकी खोज काफी हद तक यहाँ पर पूरी हो जाएगी हम रीडर्स की आम समस्याओं जैसे वजन बढ़ने का डर, कोलेस्ट्रॉल की चिंता, और डाइट में बैलेंस बनाए रखने की इच्छा को ध्यान में रखकर यह जानकारी दे रहे हैं। चलिए शुरू करते हैं टोन्ड मिल्क की दुनिया से।
टोन्ड मिल्क एक ऐसा दूध है जो भारत जैसे देशों में काफी पॉपुलर है, जहां लोग दूध को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा मानते हैं लेकिन फैट इनटेक को कंट्रोल करना चाहते हैं। अगर आपकी फ्रस्ट्रेशन यह है कि फुल क्रीम दूध पीने से कैलोरी ज्यादा हो जाती है, तो टोन्ड मिल्क आपकी इस समस्या का समाधान हो सकता है। यह न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है बल्कि पोषण से भरपूर भी। लेकिन क्या टोन्ड मिल्क हर किसी के लिए सही है? आइए आगे देखते हैं।
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टोन्ड मिल्क आखिर है क्या?
टोन्ड मिल्क क्या है? सरल शब्दों में कहें तो टोन्ड मिल्क एक प्रकार का प्रोसेस्ड दूध है जिसमें फैट की मात्रा को कम किया जाता है ताकि यह हेल्दी और लाइट रहे। भारत में, जहां दूध का सेवन बहुत आम है, टोन्ड मिल्क को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि यह भैंस के दूध की रिचनेस को बनाए रखे लेकिन फैट को कंट्रोल करे।
टोन्ड मिल्क कैसे बनता है? यह प्रक्रिया काफी सरल है। आमतौर पर, भैंस या गाय के पूरे दूध (फुल क्रीम मिल्क) में स्किम्ड मिल्क पाउडर और पानी मिलाया जाता है। इससे फैट की मात्रा लगभग 3% तक कम हो जाती है। फुल क्रीम मिल्क में फैट 6% या उससे ज्यादा होता है, जबकि स्किम्ड मिल्क में लगभग 0%। टोन्ड मिल्क इन दोनों के बीच का बैलेंस है। यह प्रक्रिया 1940 के दशक में भारत में शुरू हुई थी, जब दूध की सप्लाई को बढ़ाने और फैट को स्टैंडर्डाइज करने की जरूरत पड़ी।
सामान्य दूध के बहुत करीब
दुनिया के अधिकांश दूध की आपूर्ति गायों से होती है, जबकि भैंस का दूध दूसरे स्थान पर है। दोनों ही प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम और बी विटामिन से भरपूर होते हैं। हालांकि, फुल-क्रीम भैंस का दूध पूरे गाय के दूध की तुलना में सैचुरेटेड फैट में बहुत अधिक होता है।
यह विशेषता भैंस के दूध को पनीर या घी बनाने के लिए बेहतरीन बनाती है, लेकिन पीने के लिए कम उपयुक्त – खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी डाइट में सैचुरेटेड फैट की मात्रा सीमित रखना चाहते हैं।
टोन्ड मिल्क आमतौर पर भैंस और गाय के दूध के मिश्रण से बनाया जाता है ताकि लगभग 3% फैट और 8.5% नॉन-फैट मिल्क सॉलिड्स (दूध की शुगर और प्रोटीन सहित) की सांद्रता(Concentration) प्राप्त हो। यह पूरे गाय के दूध के बराबर है, जिसमें आमतौर पर 3.25–4% फैट और 8.25% नॉन-फैट मिल्क सॉलिड्स होते हैं।
- सन्दर्भ(references): Improving the Safety and Quality of Milk ,
- Improving buffalo milk
- Introduction and Executive Summary of the Supplement, Role of Milk
- Definitions
अब अगर हम अन्य प्रकारों से तुलना करते हैं, तो समझना आसान हो जाएगा। चलिए एक टेबल में देखते हैं , जिसमें तुलनात्मक तरीके से मैंने आपको दिखने की कोशिश की है
| दूध का प्रकार | फैट प्रतिशत | कैलोरी (प्रति 100 ml) | उपयुक्त किसके लिए |
|---|---|---|---|
| फुल क्रीम मिल्क | 6% या अधिक | 87 कैलोरी | बच्चे, बढ़ते उम्र के लोग, जो ज्यादा एनर्जी चाहते हैं |
| टोन्ड मिल्क | 3% | 58-60 कैलोरी | वेट कंट्रोल करने वाले, एडल्ट्स, हेल्थ कॉन्शस लोग |
| डबल टोन्ड मिल्क | 1.5% | 48 कैलोरी | स्ट्रिक्ट डाइट वाले, डायबिटीज पेशेंट |
| स्किम्ड मिल्क | 0.5% या कम | 35 कैलोरी | लो-फैट डाइट पर लोग, लेकिन स्वाद में कम |
रीडर्स की इंटेंशन अक्सर होती है कि वे रोजाना दूध पीना चाहते हैं लेकिन हेल्दी तरीके से। टोन्ड मिल्क इसी इंटेंशन को पूरा करता है।
टोन्ड मिल्क की लोकप्रियता भारत में इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां भैंस का दूध ज्यादा फैट वाला होता है, और टोनिंग से इसे गाय के दूध जैसा बनाया जाता है। अगर आप शहर में रहते हैं और पैकेटेड दूध इस्तेमाल करते हैं, तो अमूल, मदर डेयरी जैसे ब्रांड्स टोन्ड मिल्क प्रदान करते हैं। लेकिन याद रखें, टोन्ड मिल्क हमेशा प्रोसेस्ड होता है, इसलिए इसमें कुछ एडिटिव्स भी हो सकते हैं। अगर आपकी फ्रस्ट्रेशन नेचुरल दूध की कमी से है, तो लोकल डेयरी से चेक करें। अब आपका ध्यान लेकर चलता हूँ इसके न्यूट्रिशन पर |
टोन्ड मिल्क के पोषक तत्व (न्यूट्रिशनल वैल्यू)
टोन्ड मिल्क के पोषक तत्व क्या हैं? यह जानना जरूरी है क्योंकि लोग अक्सर सोचते हैं कि फैट कम करने से पोषण भी कम हो जाता है। लेकिन ऐसा हमेशा ही नहीं होता है। टोन्ड मिल्क में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन्स और मिनरल्स की अच्छी मात्रा होती है, जो इसे एक संतुलित डेयरी प्रोडक्ट बनाती है।
एक गिलास (200 ml) टोन्ड मिल्क में औसतन:
- कैलोरी: 116-120
- प्रोटीन: 6-7 ग्राम
- फैट: 6 ग्राम (जो कि 3% फैट वाला है)
- कार्बोहाइड्रेट: 9-10 ग्राम
- कैल्शियम: 240-250 mg (जो हड्डियों के लिए जरूरी है)
- विटामिन A: 200-300 IU (आंखों और इम्यूनिटी के लिए)
- विटामिन D: अगर फोर्टिफाइड हो तो 80-100 IU
- अन्य: पोटैशियम, फॉस्फोरस, विटामिन B12
अब फुल क्रीम से तुलना करें: फुल क्रीम में फैट 12 ग्राम होता है, लेकिन प्रोटीन और कैल्शियम लगभग समान रूप से होता है। टोन्ड मिल्क में फैट कम होने से सैचुरेटेड फैट भी कम होता है, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा है। अगर आपकी डिजायर है कि पूरा पोषण मिले वो भी बिना एक्स्ट्रा कैलोरी के, तो टोन्ड मिल्क परफेक्ट है।
टोन्ड मिल्क में लैक्टोज भी मौजूद होता है, लेकिन अगर आप लैक्टोज इंटॉलरेंट हैं, तो लैक्टोज-फ्री वेरिएंट चुनना चाहिए ऐसा मेरा आप लोगों को सुझाव रहेगा। न्यूट्रिशन लेबल चेक करना जरूरी है क्योंकि कुछ ब्रांड्स में शुगर या प्रिजर्वेटिव्स ऐड होते हैं। टोन्ड मिल्क के पोषक तत्व इसे एक ऑल-राउंडर बनाते हैं। अगर आप एक्सरसाइज करते हैं, तो प्रोटीन से मसल रिकवरी होती है। अगर न्यूट्रिशन की कमी है, तो टोन्ड मिल्क इसे दूर करता है।
टोन्ड मिल्क में विटामिन्स को फोर्टिफाई किया जाता है, जो नेचुरल दूध में कम हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन D की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, और टोन्ड मिल्क इसे पूरा करता है। कुल मिलाकर, टोन्ड मिल्क के पोषक तत्व बैलेंस्ड डाइट के लिए एक दम सही हैं हैं।
सन्दर्भ(references): Milk, indian buffalo, fluid
टोन्ड मिल्क के फायदे
टोन्ड मिल्क के फायदे क्या हैं? यहाँ ये फायदे मैं उन लोगों को ध्यान में रखकर लिख रहा हूँ जिनकी मूल परेशानी वजन बढ़ना, हार्ट प्रॉब्लम्स, या कम एनर्जी हैं। टोन्ड मिल्क न सिर्फ इन समस्याओं को सॉल्व करता है बल्कि कई फायदे देता है।
सबसे बड़ा फायदा: वेट मैनेजमेंट। टोन्ड मिल्क में कम कैलोरी होने से आप रोजाना पी सकते हैं बिना वजन बढ़ने के डर से। अगर आप डाइटिंग कर रहे हैं, तो टोन्ड मिल्क भूख को कंट्रोल करता है क्योंकि प्रोटीन से सैटिस्फैक्शन(satisfaction) मिलती है। स्टडीज दिखाती हैं कि लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स वजन कम करने में मदद करते हैं।
दूसरा, हार्ट हेल्थ। टोन्ड मिल्क में कम सैचुरेटेड फैट से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है। अगर आपकी मुख्य परेशानी कि वजह हाई कोलेस्ट्रॉल से है, तो टोन्ड मिल्क स्विच करके आप रिस्क कम कर सकते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी लो-फैट मिल्क की सिफारिश करता है।
तीसरा, बोन हेल्थ। कैल्शियम और विटामिन D से हड्डियां मजबूत होती हैं। महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस(Osteoporosis) का खतरा कम होता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी हड्डियां भी मजबूत हो, तो टोन्ड मिल्क रोज पीएं।
चौथा, इम्यूनिटी बूस्ट। विटामिन A और B12 से बॉडी की डिफेंस सिस्टम मजबूत होती है।
पांचवां, आसान पाचन। टोन्ड मिल्क लाइट होता है, इसलिए ऐसे लोगों के लिए अच्छा साबित हो सकता है जिनको लैक्टोस इन्टोलेरेंस कि समस्या थोड़ी है। अगर आपकी इंटेंशन डाइजेशन इम्प्रूव करना है, तो करना आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
छठा, बेहतर स्लीप। दूध में ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) होता है, जो स्लीप हॉर्मोन मेलाटोनिन बनाता है। टोन्ड मिल्क पीकर आप अच्छी नींद ले सकते हैं।
सातवां, स्किन हेल्थ। प्रोटीन और विटामिन्स से स्किन ग्लोइंग रहती है। एक्ने की समस्या कम होती है क्योंकि फैट कम है।
टोन्ड मिल्क किसके लिए बेस्ट? वेट लॉस करने वाले, एडल्ट्स, फैमिली जो हेल्थ कॉन्शस हैं। अगर आप एथलीट हैं, तो टोन्ड मिल्क प्रोटीन शेक में इस्तेमाल करें। कुल मिलाकर, टोन्ड मिल्क के फायदे इसे एक स्मार्ट चॉइस बनाते हैं।
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क्या कोई नुकसान या सावधानियां हैं?
टोन्ड मिल्क स्वस्थ है, लेकिन क्या कोई नुकसान हैं? हां, हर चीज की तरह इसमें भी बैलेंस जरूरी है। अगर आप ज्यादा पीते हैं, तो कैलोरी बढ़ सकती है। कुछ लोगों में दूध से एक्ने या ब्लोटिंग हो सकती है।
अगर आपको इन प्रोडक्ट्स से किसी प्रकार कि डेयरी एलर्जी है, तो टोन्ड मिल्क अवॉइड करें। बच्चों के लिए फुल क्रीम बेहतर क्योंकि शुरूआती विकास के लिए उन्हें फैट की जरूरत होती है। प्रेग्नेंट महिलाओं कि स्थिति नाजुक होती है इसलिए उनको हमेशा डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
- टोन्ड मिल्क प्रोसेस्ड है, इसलिए कुछ ब्रांड्स में ऐडिटिव्स हो सकते हैं।
- ऑर्गेनिक चुनें।
- मॉडरेशन में पीएं –
- दिन में 1-2 गिलास काफी।
- अगर आपकी फ्रस्ट्रेशन एलर्जी से है, तो अल्टरनेटिव्स जैसे अल्मंड मिल्क ट्राई करें।
- कुल मिलाकर, नुकसान कम हैं अगर सही तरीके से इस्तेमाल करें।
क्या टोन्ड मिल्क एक स्वस्थ विकल्प है?
टोन्ड मिल्क प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत है। संयम( in limit) में लिया जाए तो यह ज्यादातर लोगों के लिए बहुत स्वस्थ विकल्प है। वास्तव में, टोन्ड मिल्क जैसे डेयरी उत्पादों का नियमित सेवन कई संभावित स्वास्थ्य लाभों से जुड़ा है, जैसे हड्डियों की मिनरल डेंसिटी में सुधार और हृदय रोग तथा टाइप 2 डायबिटीज जैसी क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम कम होना।हालांकि ज्यादातर शोध लाभ दिखाते हैं, लेकिन कुछ सीमित प्रमाण बताते हैं कि कुछ लोगों में अत्यधिक डेयरी सेवन से मुंहासे और प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
सारांश टोन्ड मिल्क पौष्टिक विकल्प है और गाय के दूध से जुड़े कई समान लाभ प्रदान करता है। डेयरी उत्पादों का अत्यधिक सेवन कुछ स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है, इसलिए संयम बरतें और संतुलित आहार सुनिश्चित करें।
टोन्ड मिल्क कब और कैसे चुनें?
टोन्ड मिल्क कब चुनें? अगर आप वेट कंट्रोल करना चाहते हैं, तो रोजाना। पैकेट का कंटेंट पहले चेक करें – फैट 3% हो।
- कैसे इस्तेमाल करें:
- चाय, कॉफी, स्मूदी में।
- असली vs फेक: FSSAI मार्क देखें।
- स्टोरेज: फ्रिज में रखें।
- अगर आपकी इंटेंशन डेली डाइट में शामिल करना है, तो ये टिप्स फॉलो करें।
निष्कर्ष
टोन्ड मिल्क एक हेल्दी ऑप्शन है जो कम फैट और पूरा पोषण देता है। अगर आप हेल्दी दूध की तलाश में हैं, तो टोन्ड मिल्क ट्राई करें। कमेंट में बताएं आप क्या सोचते हैं!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टोन्ड मिल्क और डबल टोन्ड मिल्क में क्या अंतर है?
टोन्ड मिल्क में फैट 3% होता है, जबकि डबल टोन्ड में सिर्फ 1.5%। डबल टोन्ड ज्यादा लो-फैट होता है, वेट लॉस या स्ट्रिक्ट डाइट वालों के लिए बेहतर, लेकिन स्वाद में थोड़ा पतला लगता है।
क्या छोटे बच्चों (2-5 साल) को टोन्ड मिल्क देना सही है?
नहीं, छोटे बच्चों को ग्रोथ और ब्रेन डेवलपमेंट के लिए फुल क्रीम मिल्क बेहतर है क्योंकि उन्हें ज्यादा फैट की जरूरत होती है। टोन्ड मिल्क 5 साल से ऊपर या एडल्ट्स के लिए सूटेबल है।
वजन कम करने के लिए टोन्ड मिल्क अच्छा है क्या?
हाँ, टोन्ड मिल्क में कम कैलोरी और फैट होता है (फुल क्रीम से आधा), जो वेट मैनेजमेंट में मदद करता है। यह भूख कंट्रोल करता है और डाइट में आसानी से फिट होता है, बिना पोषण कम किए।
डायबिटीज के मरीज टोन्ड मिल्क पी सकते हैं?
हाँ, टोन्ड मिल्क लो-फैट होने से कोलेस्ट्रॉल और शुगर कंट्रोल में मदद करता है। यह डायबिटीज पेशेंट्स के लिए सेफ ऑप्शन है, लेकिन अनस्वीटेंड और मॉडरेशन में पीएं।
टोन्ड मिल्क पैकेट वाला पास्चुराइज्ड और होमोजिनाइज्ड होता है क्या?
हाँ, भारत में ज्यादातर ब्रांड्स (जैसे अमूल, मदर डेयरी) का टोन्ड मिल्क पास्चुराइज्ड (बैक्टीरिया मारने के लिए) और होमोजिनाइज्ड (फैट इवनली मिक्स करने के लिए) होता है, जो इसे सेफ और लंबे समय तक फ्रेश रखता है।
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