नमस्कार साथियों! हर्बल डिटॉक्स स्वस्थ को ठीक रखने के लिए किये जाने वाले उपचारों के बीच एक विवाद का विषय है कई प्राकृतिक स्वास्थ्य ये समर्थक दावा करते हैं कि ये शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालते हैं और वजन घटाने में मदद करते हैं। वहीं, चिकित्सा विशेषज्ञ(medical expert) इनके दावों पर संदेह(doubt) करते हैं और इनसे होने वाले संभावित नुकसान की ओर इशारा करते हैं। यह लेख मैं यहाँ पर इसलिए लिख रहा हूँ जिससे कि आपको हर्बल डिटॉक्स के बारे में पूरी जानकारी दे सकू – कि ये क्या काम करते हैं, और इनके जोखिम क्या हैं?
हर्बल डिटॉक्स क्या हैं?
हर्बल डिटॉक्स आमतौर पर विभिन्न जड़ी-बूटियों से बने पेय या चाय होते हैं। सबूतों की कमी के बावजूद, इनका इस्तेमाल वजन घटाने और शरीर से विषाक्त पदार्थ(toxic elements) निकालने के लिए किया जाता है। इन डिटॉक्स की अवधि(time period) अलग-अलग होती है, ज्यादातर 3 से 14 दिनों तक इस्तेमाल किए जाते हैं। फिर भी, कुछ डिटॉक्स ड्रिंक को रोजाना पीना या लेना शरीर के लिए “सपोर्ट” के रूप में सुझाया जाता है।
क्या क्या जरुरी–
ज्यादातर हर्बल डिटॉक्स उत्पादों में प्राकृतिक सामग्री(natural ingredient) होती है जो वजन घटाने, लीवर की सेहत सुधारने, ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित करने और शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने का दावा करती हैं। सबसे लोकप्रिय सामग्री में शामिल हैं: वैलेरियन रूट (तगर), मुलेठी (लिकोरिस), धनिया पत्ता (सिलैंट्रो), धनिया बीज (कोरिएंडर), क्लोरेला, मिल्क थिसल (दूध थीस्ल), डैंडेलियन रूट (डैंडेलियन जड़), स्कलकैप रूट, रूबार्ब रूट (रेवंद चीनी), अदरक, जूनिपर बेरी (जुनिपर बेरी), और बर्डॉक रूट (बर्डॉक जड़)। कुछ सीमित(limited) पशु अध्ययनों से पता चलता है कि इन सामग्रियों में चेलेटिंग गुण होते हैं, यानी ये धातुओं से बंध सकती हैं, लेकिन कोई सबूत नहीं है कि ये शरीर को डिटॉक्स करती हैं।
सन्दर्भ(reference): Detox diets for toxin elimination
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क्या हर्बल डिटॉक्स काम करते हैं?
हर्बल डिटॉक्स एक लोकप्रिय स्वास्थ्य ट्रेंड(popular health trends) हैं, लेकिन इनके ज्यादातर दावे बढ़ा चढ़ाकर बताये जाते है हैं और इनके पास वैज्ञानिक आधार(scientific base) बहुत कम है।
विषाक्त पदार्थ निकालना :
ज्यादातर डिटॉक्स उत्पादों के लेबल पर लंबी प्राकृतिक सामग्री की सूची होती है। लेकिन वे यह नहीं बताते कि कौन से विषाक्त पदार्थ निकाले जाएंगे या और इसका कोई सबूत भी नहीं दिया जाता। आपका शरीर पहले से ही एक प्राकृतिक डिटॉक्स सिस्टम से लैस है। आपका लीवर, किडनी, आंतें और त्वचा लगातार मल, मूत्र और थोड़ी मात्रा में पसीने के जरिए अपशिष्ट निकालता ही रहता है। अब तक कोई क्लिनिकल अध्ययन नहीं दिखाता कि स्वस्थ लोगों में विषाक्त पदार्थों का जमाव होता है, या हर्बल डिटॉक्स शरीर की सामान्य क्षमता को बढ़ाते हैं।
सन्दर्भ: Physiology, Liver, Physiology, Renal,
Nutritional aspects of detoxification in clinical practice,
Physiology of sweat gland function: The roles of sweating and sweat composition in human health
वजन घटाने पर प्रभाव:
डिटॉक्स के बाद लोग बेहतर महसूस हुआ ऐसा दावा करते हैं, लेकिन यह संभवतः अन्य स्वस्थ आदतों से होता है, जैसे प्रोसेस्ड फूड कम करना और पूरी तरह से पौष्टिक खाद्य पदार्थों पर फोकस करना। हालांकि कुछ वजन कम हो सकता है, लेकिन डिटॉक्स बंद करने पर यह वापस आ जाता है। क्योंकि ज्यादातर हर्बल डिटॉक्स में डाइयूरेटिक(Diuretic)) सामग्री होती है जो मूत्र और मल के जरिए पानी निकालती है, जिससे पानी का वजन तेजी से कम होता है। इस तरह का वजन चक्र(weight cycle) अव्यवस्थित खाने की आदतों और व्यवहार को बढ़ावा दे सकता है, क्योंकि डिटॉक्स खत्म होने पर वजन वापस आने से निराशा होती है। हालांकि, लंबे समय तक हर्बल डिटॉक्स इस्तेमाल करने से मांसपेशियों की हानि और फैट कम हो सकता है। आंतों की गतिविधि बढ़ने से पोषक तत्व अवशोषित(Absorbed) होने से पहले निकल जाते हैं। यह बहुत असुरक्षित(unsafe) है और इससे बचना चाहिए। वजन घटाने के लिए डिटॉक्स पर निर्भर रहने के बजाय, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन (stress management) और पर्याप्त नींद जैसी स्वस्थ आदतों को अपनाना चाहिए।
सन्दर्भ : Unhealthy Weight Control Practices: Culprits and Clinical Recommendations,
Laxative abuse: epidemiology, diagnosis and management, Patterns of Diet, Physical Activity
अन्य दावे :
कई हर्बल डिटॉक्स उत्पाद ब्लड शुगर नियंत्रित करने, सूजन और मुंहासे कम करने, ऊर्जा बढ़ाने जैसे विभिन्न दावे करते हैं। लेकिन इन दावों का कोई शोध समर्थन नहीं करता। अगर आपको डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी है, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
सारांश :
हर्बल डिटॉक्स से शरीर से विषाक्त पदार्थ निकलने या वजन घटने का कोई सबूत नहीं है। आपका शरीर पहले से ही मूत्र, मल और पसीने के जरिए अपशिष्ट निकालता है।
हर्बल डिटॉक्स -संभावित जोखिम
हर्बल डिटॉक्स आजमाने से पहले इनके संभावित जोखिम जानना जरूरी है।
अज्ञात सामग्री ज्यादातर हर्बल डिटॉक्स नियंत्रित( not regulated ) नहीं होते और पैकेज पर लिखी सामग्री से अलग या ज्यादा मात्रा में हो सकती है। इससे कुछ सामग्रियों की ओवरडोज हो सकती है, जो गंभीर साइड इफेक्ट्स या मौत का कारण बन सकती है। संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग (USDA) ने कई हर्बल डिटॉक्स उत्पादों पर झूठे दावों, हानिकारक सामग्री और गलत लेबलिंग के लिए कार्रवाई की है। हालांकि कई उत्पाद प्राकृतिक होने का दावा करते हैं, इसका मतलब सुरक्षित नहीं होता क्युकी दावे गलत भी साबित हो सकते है और बड़ी मात्रा में लेना खतरनाक हो सकता है।
साइड इफेक्ट्स डाइयूरेटिक वाले हर्बल डिटॉक्स से डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का खतरा बढ़ता है, जो जानलेवा हो सकता है। उदाहरण के लिए, एक 67 साल के व्यक्ति को 5 दिनों तक हर्बल डिटॉक्स पेय लेने के बाद उल्टी, कंपकंपी और कमजोरी हुई। उन्हें गंभीर इलेक्ट्रोलाइट कमी के लिए आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। 2017 में एक 60 साल की महिला की 14 दिनों तक योगी ब्रांड की “डिटॉक्स” चाय तीन बार रोज पीने से लीवर फेलियर से मौत हो गई। चाय में 18 जड़ी-बूटियां थीं जो लीवर को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार मानी गईं। एक अन्य मामले में, 50 साल की महिला को हर्बल एप्सम सॉल्ट डिटॉक्स से मैंगनीज विषाक्तता हो गई और कई अंग फेल होने से मौत हो गई। इसके अलावा, नियमित हर्बल डिटॉक्स से गंभीर वजन घटना और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, क्योंकि शरीर को कैलोरी, विटामिन और मिनरल्स अवशोषित करने का समय नहीं मिलता।
जोखिम वाले समूह हर्बल डिटॉक्स आमतौर पर बताये नहीं जाते, लेकिन कुछ समूहों को विशेष रूप से बचना चाहिए, जैसे:
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं
- बच्चे और किशोर
- कैंसर, डायबिटीज, क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी बीमारियों वाले लोग
- लीवर या किडनी रोग वाले
- अव्यवस्थित खाने की आदत या ईटिंग डिसऑर्डर का इतिहास वाले
- कुपोषित या कुपोषण के जोखिम वाले, जैसे बुजुर्ग
हर्बल डिटॉक्स आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।
सन्दर्भ (references): Patterns of Diet, Physical Activity, Detoxes and Cleanses
दवाओं से इंटरैक्शन कई जड़ी-बूटियां लीवर में दवाओं के क्लियरेंस में बाधा डालती हैं, जिससे दवाओं का प्रभाव कम या ज्यादा हो सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा हो सकती है। हर्बल डिटॉक्स में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियों के कारण, अगर आप कोई दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
सारांश: हर्बल डिटॉक्स नियंत्रित(regulated) नहीं होते और असुरक्षित सामग्री(unsafe ingredients) से गंभीर साइड इफेक्ट्स या दुर्लभ मामलों में मौत का कारण बन सकते हैं। अगर हर्बल डिटॉक्स आजमाना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर से बात करें।
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हर्बल डिटॉक्स पर लेटेस्ट वैज्ञानिक सबूतों(latest statistics) की सारांश टेबल (2025 तक)
नीचे दी गई टेबल में हर्बल डिटॉक्स ड्रिंक्स/टी के मुख्य दावों, सामग्रियों, जोखिमों और सबूतों का सारांश है। यह डेटा 2025 तक के विश्वसनीय स्रोतों (जैसे NCCIH, Healthline, WebMD, PubMed केस रिपोर्ट्स और रिव्यूज) से लिया गया है। कोई नया बड़ा बदलाव नहीं हुआ है – ज्यादातर विशेषज्ञ अभी भी कहते हैं कि ये प्रभावी नहीं हैं और जोखिम हो सकते हैं।
| पहलू | मुख्य निष्कर्ष | सामान्य सामग्री के उदाहरण | वैज्ञानिक सबूत का स्तर | स्रोत (लाइव लिंक) |
|---|---|---|---|---|
| डिटॉक्स प्रभाव (टॉक्सिन निकालना) | कोई ठोस सबूत नहीं कि ये शरीर से टॉक्सिन निकालते हैं। शरीर खुद लीवर, किडनी से डिटॉक्स करता है। | मिल्क थिसल, डैंडेलियन रूट, टर्मरिक, बर्डॉक रूट | सीमित या कोई क्लिनिकल सबूत नहीं; ज्यादातर एनिमल स्टडीज | NCCIH – Detoxes and Cleanses WebMD Detox Diets (2025) |
| वजन घटाना | अस्थायी पानी का वजन कम होता है (डाइयूरेटिक प्रभाव से), लेकिन स्थायी नहीं। वापस बढ़ जाता है। | जिंजर, लेमन, ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट | सीमित; मुख्यतः कैलोरी कट से, डिटॉक्स से नहीं | |
| लीवर हेल्थ सुधार | कुछ सामग्रियां (जैसे मिल्क थिसल) मामूली फायदा दिखाती हैं, लेकिन डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में नहीं। | मिल्क थिसल, आर्टिचोक, टर्मरिक | मॉडेस्ट सबूत स्पेसिफिक मामलों में; ओवरऑल अनप्रूवन | PubMed Review 2015 (अपडेटेड रेफरेंस) 2025 Liver Detox Evidence |
| जोखिम और साइड इफेक्ट्स | डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, लीवर डैमेज, मौत के केस रिपोर्ट्स। अनरेगुलेटेड उत्पाद। | ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट (EGCG), टर्मरिक हाई डोज | कई केस रिपोर्ट्स; गंभीर जोखिम दुर्लभ लेकिन रियल | PMC Liver Failure Case PMC Hyponatremia Case 2025 Side Effects Review |
| कुल निष्कर्ष | लोकप्रिय लेकिन अप्रमाणित; स्वस्थ जीवनशैली (डाइट, एक्सरसाइज) बेहतर। डॉक्टर से सलाह लें। | – | कोई हाई-क्वालिटी रैंडमाइज्ड ट्रायल सपोर्ट नहीं | NIH News in Health Harvard Health (क्लासिक लेकिन वैलिड) |
नोट: ये स्रोत लाइव हैं और 2025 तक अपडेटेड जानकारी देते हैं। हर्बल डिटॉक्स उत्पाद FDA द्वारा रेगुलेटेड नहीं होते, इसलिए सामग्री और सुरक्षा पर भरोसा न करें। अगर कोई मेडिकल कंडीशन है, तो डॉक्टर से जरूर बात करें। स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका संतुलित आहार और व्यायाम है!
निष्कर्ष
हर्बल डिटॉक्स अपनी लंबी स्वास्थ्य दावों की सूची से लोकप्रिय हैं, लेकिन ये अप्रमाणित(uncertified) हैं। हर्बल डिटॉक्स आजमाना आकर्षक(intresting) लग सकता है, लेकिन कोई सबूत नहीं है कि ये शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालते हैं या लंबे समय तक वजन घटाने में मदद करते हैं। अगर आप अपनी सेहत सुधारना चाहते हैं, तो संभावित खतरनाक डिटॉक्स की बजाय स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं – जैसे पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या हर्बल डिटॉक्स ड्रिंक्स से ड्रग टेस्ट पास किया जा सकता है?
नहीं। कई लोग हर्बल क्लीन जैसे प्रोडक्ट्स को ड्रग टेस्ट (यूरीन टेस्ट) क्लियर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वैज्ञानिक सबूतों के अनुसार ये काम नहीं करते। ये सिर्फ पानी का वजन कम करते हैं और यूरीन को डाइल्यूट कर सकते हैं, जिससे टेस्ट में “डाइल्यूटेड सैंपल” दिखता है और टेस्ट दोबारा करवाया जाता है। लैब टेस्ट इनकी आसानी से पहचान कर लेते हैं। भरोसा न करें – यह जोखिम भरा और बेकार ही साबित होगा।
क्या हर्बल डिटॉक्स से स्किन ग्लो करती है या मुंहासे ठीक होते हैं?
कोई ठोस सबूत नहीं है। कुछ लोग कहते हैं कि डिटॉक्स से स्किन बेहतर होती है, लेकिन यह ज्यादातर इसलिए होता है क्योंकि डिटॉक्स के दौरान लोग ज्यादा पानी पीते हैं और जंक फूड कम करते हैं। असल में डिटॉक्स से डिहाइड्रेशन या पोषक तत्वों की कमी होने से स्किन और खराब हो सकती है। अच्छी स्किन के लिए संतुलित डाइट, पानी और स्किनकेयर रूटीन बेहतर है।
हर्बल डिटॉक्स को रोजाना पीना सुरक्षित है क्या?
नहीं, लंबे समय तक रोजाना पीना सुरक्षित नहीं है। ज्यादातर प्रोडक्ट्स सिर्फ कुछ दिनों के लिए बनाए गए हैं। रोजाना इस्तेमाल से डाइयूरेटिक प्रभाव के कारण किडनी पर भार पड़ता है, इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो सकते हैं और पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होता है। डॉक्टर से सलाह लिए बिना लंबे समय तक न लें।
प्रेग्नेंसी में हर्बल डिटॉक्स पी सकती हूं क्या?
बिल्कुल नहीं। गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान हर्बल डिटॉक्स पूरी तरह से बचना चाहिए। कई जड़ी-बूटियां (जैसे जूनिपर बेरी, मुलेठी आदि) गर्भाशय को उत्तेजित कर सकती हैं या बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे डिहाइड्रेशन या पोषक तत्वों की कमी का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर की सलाह के बिना कुछ भी न लें।
क्या कोई हर्बल डिटॉक्स प्रोडक्ट सच में काम करता है या सभी बेकार हैं?
ज्यादातर प्रोडक्ट्स के बड़े-बड़े दावे मार्केटिंग स्टंट हैं और इनके पीछे मजबूत वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं। कुछ अलग-अलग जड़ी-बूटियां (जैसे मिल्क थिसल लीवर सपोर्ट के लिए) सीमित फायदे दिखाती हैं, लेकिन डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में पैक किए गए प्रोडक्ट्स ओवरऑल प्रभावी नहीं होते। पैसे बचाएं और स्वस्थ खान-पान, व्यायाम व अच्छी नींद पर फोकस करें – यही असली “डिटॉक्स” है।
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