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एप्रिकॉट Fresh ripe apricots (khubani) with dew drops on a wooden table, surrounded by green leaves under soft natural sunlight, close-up healthy fruit photography

एप्रिकॉट (खुबानी) के 9 स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी फायदे

नमस्ते दोस्तों! आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसे फल की जो दिखने में छोटा-सा लगता है, लेकिन पोषण और स्वास्थ्य लाभों से भरपूर होता है। जी हां, मैं बात कर रहा हूं एप्रिकॉट या हिंदी में खुबानी की। यह पीला-नारंगी रंग का फल गर्मियों में ताजा मिलता है और सूखे रूप में साल भर उपलब्ध रहता है। कई लोग इसे खुबानी कहकर ड्राई फ्रूट्स में शामिल करते हैं, लेकिन इसके फायदे सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं हैं।

एप्रिकॉट विटामिन A, C, E, फाइबर, पोटैशियम, आयरन और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है। यह कम कैलोरी वाला फल है, जो वजन नियंत्रण(weight control), पाचन और इम्यूनिटी के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। ताजा एप्रिकॉट में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जबकि सूखी खुबानी में पोषक तत्व अधिक केंद्रित हो जाते हैं।

इस लेख में हम एप्रिकॉट के 9 प्रमुख स्वास्थ्य और पोषण फायदों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। ये फायदे वैज्ञानिक अध्ययनों और पोषण विशेषज्ञों की जानकारी पर आधारित हैं। साथ ही, हम एक तुलना टेबल भी देखेंगे और कुछ आसान टिप्स देंगे कि इसे अपनी डाइट में कैसे शामिल करें। चलिए शुरू करते हैं!

एप्रिकॉट क्या है और इसका पोषण मूल्य

एप्रिकॉट (Prunus armeniaca) एक स्टोन फ्रूट है, जो आड़ू जैसा दिखता है लेकिन छोटा और थोड़ा टार्ट स्वाद वाला होता है। यह चीन से उत्पन्न हुआ माना जाता है और अब भारत में कश्मीर, हिमाचल जैसे पहाड़ी इलाकों में उगाया जाता है।

100 ग्राम ताजा एप्रिकॉट में लगभग:

  • कैलोरी: 48
  • फाइबर: 2 ग्राम
  • विटामिन A: दैनिक जरूरत का 38%
  • विटामिन C: 17%
  • पोटैशियम: अच्छी मात्रा

सूखी खुबानी में ये तत्व 3-4 गुना ज्यादा होते हैं, लेकिन कैलोरी भी बढ़ जाती है (लगभग 241 प्रति 100 ग्राम)।

एप्रिकॉट (खुबानी) के फायदे

खुबानी स्वादिष्ट, रंग-बिरंगे फल हैं और अत्यधिक पौष्टिक भी। अंदर से ये आंतों (गट) के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकती हैं, और बाहर से त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं। खुबानी (Prunus armeniaca) स्टोन फ्रूट हैं, जिन्हें आर्मेनियाई प्लम के नाम से भी जाना जाता है। ये गोल और पीले रंग के होते हैं, जो आड़ू का छोटा संस्करण लगते हैं लेकिन इनमें बैंगनी प्लम जैसी खटास होती है। ये बेहद पौष्टिक हैं और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, जैसे बेहतर पाचन और आंखों का स्वास्थ्य। यहाँ खुबानी के 9 स्वास्थ्य और पोषण लाभ दिए गए हैं:

  1. बहुत पौष्टिक और कम कैलोरी वाले खुबानी बहुत पौष्टिक हैं और इनमें कई आवश्यक विटामिन व खनिज होते हैं। बस 2 ताज़ा खुबानी (70 ग्राम) में मिलता है :
  • कैलोरी: 34
  • कार्बोहाइड्रेट: 8 ग्राम
  • प्रोटीन: 1 ग्राम
  • वसा: 0.27 ग्राम
  • फाइबर: 1.5 ग्राम
  • विटामिन A: दैनिक मूल्य (DV) का 8%
  • विटामिन C: DV का 8%
  • विटामिन E: DV का 4%
  • पोटैशियम: DV का 4%

इसके अलावा, यह फल बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन का अच्छा स्रोत है, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं और शरीर में फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं | पूरी खुबानी छिलके सहित खाना सबसे अच्छा है, क्योंकि छिलके में फाइबर और पोषक तत्व बहुत अधिक होते हैं। गुठली (बीज) को फेंक दें, क्योंकि यह खाने योग्य नहीं है।

सारांश: खुबानी कम कैलोरी और वसा वाली होती हैं तथा विटामिन A और C का उत्कृष्ट स्रोत हैं।

  1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खुबानी कई एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत हैं, जिनमें बीटा कैरोटीन तथा विटामिन A, C और E शामिल हैं। इसके अलावा, इनमें फ्लेवोनॉइड्स नामक पॉलीफेनॉल एंटीऑक्सीडेंट का समूह अधिक होता है, जो डायबिटीज और हृदय रोग जैसी बीमारियों से बचाव करता है । खुबानी में मुख्य फ्लेवोनॉइड्स क्लोरोजेनिक एसिड, कैटेचिन और क्वेरसेटिन होते हैं । ये यौगिक फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय करते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस मोटापा और कई पुरानी बीमारियों से जुड़ा होता है। एक अध्ययन में 2,375 लोगों पर पाया गया कि फ्लेवोनॉइड्स और एंथोसायनिन का अधिक सेवन क्रमशः सूजन स्कोर को 42% और 73% कम करता है। उच्च फ्लेवोनॉइड सेवन से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस स्कोर भी 56% कम होता है ।

सारांश: खुबानी में कई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, खासकर फ्लेवोनॉइड्स। ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं, जो कई पुरानी बीमारियों से जुड़ा है।

सन्दर्भ: Molecular mechanisms of the cardiovascular protective effects of polyphenols

  1. आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकती हैं खुबानी में आंखों के लिए आवश्यक कई यौगिक होते हैं, जैसे विटामिन A और E । विटामिन A रतौंधी (नाइट ब्लाइंडनेस) को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि विटामिन E एक वसा-घुलनशील एंटीऑक्सीडेंट है जो आंखों में सीधे जाकर फ्री रेडिकल्स से बचाता है । बीटा कैरोटीन — जो खुबानी को पीला-नारंगी रंग देता है — विटामिन A का पूर्ववर्ती है, यानी शरीर इसे विटामिन A में बदल सकता है (14Trusted Source)। अन्य महत्वपूर्ण कैरोटेनॉइड्स में ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन शामिल हैं, जो आंखों के लेंस और रेटिना में पाए जाते हैं और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं

सारांश: खुबानी बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन, ज़ेक्सैन्थिन तथा विटामिन C और E का उत्कृष्ट स्रोत हैं। ये पोषक तत्व आंखों को क्षति से बचाते हैं।

  1. त्वचा के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकती हैं– खुबानी खाने से त्वचा को फायदा हो सकता है। झुर्रियाँ और त्वचा क्षति के मुख्य कारण पर्यावरणीय कारक हैं, जैसे सूरज, प्रदूषण और सिगरेट का धुआँ । शोध से पता चलता है कि UV किरणों, सनबर्न और मेलानोमा (त्वचा कैंसर का घातक रूप) के बीच सीधा संबंध है । एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर स्वस्थ आहार से इस क्षति से लड़ सकते हैं, और खुबानी ऐसे एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करती हैं। इस फल में मौजूद विटामिन C और E त्वचा की मदद करते हैं। विटामिन C UV क्षति और प्रदूषण से फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय करके बचाता है । यह विटामिन कोलेजन बनाता है, जो त्वचा को मजबूती और लचीलापन देता है। उच्च विटामिन C वाला ये आहार UV क्षति से त्वचा को ठीक करने और झुर्रियाँ रोकने में मदद करता है । बीटा कैरोटीन सनबर्न से बचाव करता है। एक 10-सप्ताह के अध्ययन में बीटा कैरोटीन सप्लीमेंट से सनबर्न का जोखिम 20% कम हुआ (20Trusted Source)। सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन खुबानी खाना अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है।

सारांश: खुबानी प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो सूरज, प्रदूषण और सिगरेट के धुएँ से होने वाली क्षति से बचाती हैं। ये यौगिक झुर्रियों और सनबर्न के जोखिम को कम करके त्वचा को फायदा पहुँचा सकते हैं।

  1. आंतों (गट) के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकती हैं – खुबानी आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी होती है। एक कप (165 ग्राम) कटी हुई खुबानी में 3.3 ग्राम फाइबर होता है, जो पुरुषों के लिए DV का 8.6% और महिलाओं के लिए 13.2% है । खुबानी में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर होते हैं। घुलनशील फाइबर पानी में घुल जाता है और इसमें पेक्टिन, गम और पॉलीसैकेराइड्स शामिल हैं, जबकि अघुलनशील नहीं घुलता और इसमें सेल्यूलोज, हेमीसेल्यूलोज और लिग्निन होते हैं । खुबानी विशेष रूप से घुलनशील फाइबर से भरपूर होती हैं, जो स्वस्थ रक्त शर्करा(blood sugar) और कोलेस्ट्रॉल स्तर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है । फाइबर भोजन को पाचन तंत्र में धीरे-धीरे आगे बढ़ाता है और लाभकारी आंत बैक्टीरिया को पोषण देता है। स्वस्थ गट माइक्रोबायोम मोटापे के कम जोखिम से जुड़ा है । एक खुबानी (35 ग्राम) में सिर्फ 0.7 ग्राम फाइबर होता है, लेकिन कुछ एक साथ खाना आसान है।

सारांश: खुबानी घुलनशील फाइबर का अच्छा स्रोत हैं, जो स्वस्थ आंत बैक्टीरिया को पोषण देती हैं और पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकती हैं।

  1. पोटैशियम से भरपूर– खुबानी पोटैशियम से भरपूर होती हैं, जो एक खनिज और इलेक्ट्रोलाइट भी है। शरीर में यह नर्व सिग्नल भेजने, मांसपेशियों के संकुचन और द्रव संतुलन को नियंत्रित करता है (24, 25Trusted Source)। दो खुबानी (70 ग्राम) में 181 mg पोटैशियम होता है, जो DV का 4% है। पोटैशियम सोडियम के साथ मिलकर द्रव संतुलन बनाए रखता है, इसलिए पर्याप्त सेवन सूजन रोक सकता है और स्वस्थ रक्तचाप बनाए रख सकता है । 33 अध्ययनों के एक विश्लेषण में पाया गया कि पोटैशियम युक्त आहार से रक्तचाप काफी कम होता है और स्ट्रोक का जोखिम 24% कम होता है ।

सारांश: पोटैशियम नर्व सिग्नलिंग, मांसपेशी संकुचन और द्रव संतुलन में मदद करता है। खुबानी जैसे पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ उच्च रक्तचाप रोक सकते हैं और स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकते हैं।

  1. बहुत हाइड्रेटिंग– ज्यादातर फलों की तरह खुबानी में प्राकृतिक रूप से पानी अधिक होता है, जो रक्तचाप, शरीर का तापमान, जोड़ों के स्वास्थ्य और हृदय गति को नियंत्रित करने में मदद करता है । एक कप (165 ग्राम) कटी हुई ताज़ा खुबानी में लगभग 2/3 कप (142 ml) पानी होता है । ज्यादातर लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते, इसलिए ताज़ा फल खाना दैनिक जरूरत पूरी करने में मदद करता है। डिहाइड्रेशन में रक्त की मात्रा कम हो जाती है, जिससे दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। हाइड्रेटेड रहने से रक्त अपशिष्ट और पोषक तत्वों को पूरे शरीर में पहुँचाता है । व्यायाम के बाद खुबानी खाना पानी और इलेक्ट्रोलाइट की भरपाई का आसान तरीका है, क्योंकि इसमें पानी और पोटैशियम अच्छी मात्रा में होते हैं ।

सारांश: खुबानी प्राकृतिक रूप से पानी से भरपूर होती हैं, जो हाइड्रेशन के लिए महत्वपूर्ण है। उचित हाइड्रेशन रक्तचाप और हृदय गति सहित कई स्वास्थ्य पहलुओं के लिए जरूरी है।

  1. लीवर की सुरक्षा कर सकती हैं– कुछ डेटा से पता चलता है कि खुबानी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लीवर की रक्षा कर सकती हैं | दो पशु अध्ययनों में, शराब देने वाले चूहों को खुबानी देने पर लीवर एंजाइम और सूजन के मार्क कम पाए गए, बनिस्पत उन चूहों के जिन्हें खुबानी नहीं दी गई । यह शोध बताता है कि खुबानी की प्राकृतिक उच्च एंटीऑक्सीडेंट सामग्री(property) लीवर क्षति को रोक सकती है। हालाँकि, मनुष्यों में यह लाभ मिलता है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसमें और अधिक शोध की जरूरत है।

सारांश: दो चूहों के अध्ययनों में खुबानी ने शराब से होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लीवर की रक्षा की। लेकिन मनुष्यों पर अध्ययन जरूरी हैं।

  1. आहार में शामिल करना बहुत आसान– ताज़ा और सूखी दोनों खुबानी त्वरित और स्वादिष्ट स्नैक हैं या आपके पसंदीदा भोजन में आसानी से जोड़ी जा सकती हैं। इन्हें कई तरीकों से आहार में शामिल कर सकते हैं, जैसे:
  • ट्रेल मिक्स या ग्रेनोला में मिलाकर
  • ताज़ा स्नैक के रूप में खाकर
  • दही या सलाद में काटकर डालकर
  • जैम, प्रिज़र्व और साल्सा में इस्तेमाल करके
  • चिकन या बीफ जैसे मीट के साथ स्लो-कुकर में स्ट्यू करके
  • पाई, केक और पेस्ट्री जैसे डेज़र्ट में डालकर

चूंकि ये मीठी और खट्टी होती हैं, इसलिए ज्यादातर रेसिपी में इन्हें आड़ू या प्लम की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।

सारांश: ताज़ा और सूखी खुबानी आसानी से उपलब्ध हैं। इन्हें अकेले खा सकते हैं या अपने पसंदीदा व्यंजनों, साइड डिश या डेज़र्ट में जोड़ सकते हैं।

ताजा vs सूखी एप्रिकॉट की तुलना

पोषक तत्व (प्रति 100 ग्राम)ताजा एप्रिकॉटसूखी खुबानी (Dried)अंतर
कैलोरी48241सूखी में 5 गुना ज्यादा
फाइबर2 ग्राम7-8 ग्रामसूखी में ज्यादा
विटामिन A38% DV180% DVसूखी में ज्यादा
विटामिन C17% DVकम (क्योंकि प्रोसेसिंग)ताजा में ज्यादा
आयरनकम35% DVसूखी में ज्यादा
पोटैशियम259 mg1160 mgसूखी में ज्यादा
सबसे आम पूछे जाने वाले सवाल

सूखी खुबानी (Dried Apricots) और ताज़ा खुबानी में क्या अंतर है? कौन सी बेहतर है?

ताज़ा खुबानी में पानी की मात्रा ज्यादा होती है (लगभग 85%), इसलिए ये कम कैलोरी वाली (कम मीठी) और हाइड्रेटिंग होती हैं। सूखी खुबानी में पानी निकाल दिया जाता है, जिससे पोषक तत्व (फाइबर, विटामिन A, आयरन, पोटैशियम) अधिक सांद्रित हो जाते हैं, लेकिन कैलोरी और नैचुरल शुगर भी 3-4 गुना ज्यादा हो जाती है।

  • फायदे: सूखी खुबानी आयरन और फाइबर से भरपूर होती है (एनीमिया, कब्ज में बेहतर), लेकिन डायबिटीज वाले या वजन घटाने वाले लोग कम खाएं।
  • सलाह: ताज़ा खुबानी रोज़ाना ज्यादा खा सकते हैं, सूखी को 3-4 पीस (30-40 ग्राम) तक सीमित रखें। अगर सूखी खरीदें तो बिना अतिरिक्त शुगर/सल्फाइट वाली चुनें।

खुबानी कितनी खानी चाहिए? (How many apricots per day?)

ताज़ा खुबानी: 4-6 पीस (लगभग 150-200 ग्राम) रोज़ाना सुरक्षित और फायदेमंद है – ये आपके फल की दैनिक जरूरत का अच्छा हिस्सा पूरा करती है। सूखी खुबानी: 3-5 पीस (30-40 ग्राम) रोज़ाना पर्याप्त है। इससे ज्यादा खाने पर ज्यादा फाइबर और शुगर के कारण पेट में गैस, ब्लोटिंग, दस्त या कैलोरी बढ़ सकती है।

  • डायबिटीज वाले: कम मात्रा में और प्रोटीन (जैसे नट्स) के साथ खाएं।
  • सामान्य व्यक्ति: सुबह खाली पेट सूखी खुबानी भिगोकर खाना बहुत फायदेमंद माना जाता है।

खुबानी खाने के क्या नुकसान या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

सामान्य मात्रा में खुबानी सुरक्षित है, लेकिन ज्यादा खाने पर:

  • ज्यादा फाइबर से पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग या दस्त हो सकता है।
  • सूखी खुबानी में नैचुरल शुगर ज्यादा होने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है (डायबिटीज वाले सावधानी बरतें)।
  • कुछ पैकेट वाली सूखी खुबानी में सल्फाइट (रंग बनाए रखने के लिए) मिलाया जाता है, जिससे एलर्जी, सिरदर्द, अस्थमा अटैक या पेट की समस्या हो सकती है – ऑर्गेनिक/बिना सल्फर वाली चुनें।
  • गुठली (बीज) कभी न खाएं – इसमें अमिग्डालिन होता है जो शरीर में साइनाइड बन सकता है (बहुत जहरीला)।
  • एलर्जी वाले या दवा ले रहे लोग डॉक्टर से पूछ लें।

निष्कर्ष

खुबानी एक स्वादिष्ट फल है जो विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इनके कई लाभ हैं, जैसे आंखों, त्वचा और आंतों के स्वास्थ्य में सुधार। ताज़ा या सूखी, खुबानी को दही, सलाद और मुख्य भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है। अगर आप आड़ू और प्लम खाने के आदी हैं, तो खुबानी आपके रूटीन में बदलाव लाने का शानदार तरीका हो सकती है।

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