नमस्ते दोस्तों! आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं जो कई पुरुषों के जीवन में एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है – शुक्राणु संख्या बढ़ाना। अगर आप भी कम शुक्राणु संख्या से परेशान हैं, या ऐसा लग रहा है कि आपके साथ भी ऐसा हो सकता है तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। मैं यहां एक अनुभवी लेखक के रूप में आपको सरल भाषा में बताऊंगा कि कैसे कुछ प्राकृतिक सुपरफूड्स आपकी मदद कर सकते हैं। मैं आपके सामने यहाँ बात रखूँगा इस तरह से उन दर्दनाक बिंदुओं की जो आपको महसूस होते हैं, प्रतिदिन(daily) की ज़िन्दगी हताशाओं की जो जो आपके जीवन में होती हैं, और उन इरादों की जो आपको स्वस्थ जीवन की ओर ले जाते हैं।
फर्टिलिटी का मतलब है बिना किसी मेडिकल सहायता के प्रजनन करने की क्षमता। पुरुष बांझपन (मेल इन्फर्टिलिटी) तब कहा जाता है जब नवजात को जन्म देने की प्रक्रिया शुरू के समय पुरुष लिंग वाला व्यक्ति लगातार 1 साल तक बिना सुरक्षा के यौन संबंध बनाने के बाद भी अपनी पार्टनर को गर्भधारण नहीं करा पाता।
कभी-कभी पुरुष बांझपन यौन कार्यक्षमता से जुड़ा होता है, तो कभी वीर्य की गुणवत्ता से। कुछ उदाहरण हैं:
- शुक्राणुओं की संख्या, गतिशीलता या गुणवत्ता में कमी
- यौन इच्छा (लिबिडो या सेक्स ड्राइव) में कमी
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (नपुंसकता)
- हार्मोन स्तर कम होना, जैसे टेस्टोस्टेरोन और प्रोलैक्टिन
- कुछ दवाओं का सेवन, जैसे स्टेरॉइड्स
बांझपन हमेशा इलाज योग्य नहीं होता, लेकिन गर्भधारण की संभावना बढ़ाने के लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं।
सबसे पहले, समझते हैं कि शुक्राणु की कमी के कारण क्या हो सकते हैं। कई बार तनाव, खराब डाइट, धूम्रपान, या पर्यावरणीय प्रदूषण जैसी चीजें शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित करती हैं। इससे पुरुषों में बांझपन की समस्या की सम्भावना बढ़ जाती है , जो एक बड़ा दर्द का बिंदु बन जाता है। कल्पना कीजिए, आप परिवार शुरू करने की सोच रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट्स में कम शुक्राणु संख्या के लक्षण जैसे थकान, कम ऊर्जा, या यौन स्वास्थ्य में कमी दिखाई देती है। यह न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी आपको निराश कर देती है। आप सोचते हैं कि काश कोई आसान तरीका होता जो बिना दवाओं के इस समस्या को हल कर देता। यही आपकी इच्छा है – एक स्वस्थ, प्रजनन क्षमता से भरपूर जीवन। और आपका इरादा है कि प्राकृतिक(natural) उपायों से शुक्राणु संख्या बढ़ाना।
अच्छी खबर यह है कि प्रकृति में कई ऐसे तरीके मौजूद हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं। इस लेख में हम 7 ऐसे तरीकों पर फोकस करेंगे जो वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हैं शुक्राणु संख्या बढ़ाने में। लेकिन इससे पहले, जानते हैं कि शुक्राणु संख्या कितनी होनी चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन(W.H.O.) के अनुसार, एक स्वस्थ पुरुष में प्रति मिलीलीटर वीर्य में कम से कम 15 मिलियन शुक्राणु होने चाहिए। अगर इससे कम है, तो चिंता की बात है, लेकिन घबराएं नहीं – सही डाइट से इसे सुधारा जा सकता है।
शुक्राणु संख्या स्वास्थ्य को समझना: बुनियादी बातें
शुक्राणु संख्या बढ़ाने के तरीके कई हैं, लेकिन सबसे सरल है अपनी डाइट में बदलाव लाना। कई पुरुषों की हताशा यह होती है कि वे जिम जाते हैं, एक्सरसाइज करते हैं, लेकिन डाइट पर ध्यान नहीं देते। परिणामस्वरूप, शुक्राणु गुणवत्ता प्रभावित होती है। आपकी इच्छा है कि बिना साइड इफेक्ट्स के स्पर्म काउंट बढ़ाने के उपाय अपनाएं, और यही इरादा आपको यहां लाया है।
शुक्राणु स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्वों में जिंक, विटामिन सी, ई, फोलिक एसिड, और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल हैं। ये तत्व स्पर्म की गतिशीलता(Mobility) बढ़ाते हैं और डीएनए(DNA) क्षति को रोकते हैं। अगर आपकी डाइट में ये कमी है, तो शुक्राणु की कमी के कारण बढ़ जाते हैं। उदाहरण के लिए, जिंक की कमी से टेस्टोस्टेरोन लेवल गिरता है, जो शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित करता है। अब, आप सोच रहे होंगे कि इन पोषक तत्वों को कैसे प्राप्त करें? यही तो हमारा फोकस है – शुक्राणु बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ के माध्यम से।
सुपरफूड 1: बादाम – जिंक का खजाना
बादाम एक ऐसा सुपरफूड है जो शुक्राणु संख्या बढ़ाना आसान बनाता है क्युकी इसमें जिंक भरपूर मात्रा में होता है, जो स्पर्म काउंट को 30% तक बढ़ा सकता है। कई पुरुषों का दर्द बिंदु है कि काम और भागदौड़ की वजह से वे रोजाना की थकान से जूझते हैं, और बादाम जैसे नट्स ऊर्जा प्रदान करके इस हताशा को दूर करते हैं। इसलिए मैं इसे आपको डाइट में शामिल करने की सलाह दूंगा
- लाभ: जिंक के अलावा, विटामिन ई एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है, जो स्पर्म सेल्स को फ्री रेडिकल्स से बचाता है।
- उपयोग: रोजाना मुट्ठी भर बादाम खाएं, या दूध में मिलाकर शेक बनाएं।
- वैज्ञानिक आधार: अध्ययनों से पता चला है कि जिंक सप्लीमेंट लेने से स्पर्म काउंट बढ़ता है, और बादाम प्राकृतिक स्रोत है।
अगर आप शुक्राणु संख्या बढ़ाने के घरेलू उपाय ढूंढ रहे हैं, तो बादाम से बेहतर क्या हो सकता है?
सुपरफूड 2: केला – पोटैशियम और विटामिन बी का स्रोत
केला न सिर्फ ऊर्जा देता है, बल्कि वीर्य बढ़ाने के उपाय में भी मददगार होता है। इसमें विटामिन बी6 और पोटैशियम होता है, जो हार्मोन बैलेंस करने का कार्य करता है। कई पुरुषों की हताशा है कि उनकी यौन ऊर्जा कम हो जाती है, लेकिन केला जैसे फल इस दर्द को कम करते हैं। आपका इरादा है प्राकृतिक तरीके से सुधार, और इच्छा है बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य।
- लाभ: ब्रोमेलेन एंजाइम स्पर्म की गतिशीलता बढ़ाता है।
- उपयोग: सुबह नाश्ते में एक केला खाएं या स्मूदी बनाएं।
- टिप: अगर आप कम शुक्राणु संख्या के लक्षण जैसे कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तो केला आपको इसे बढ़ने में मदद करेगा
- यह फल आसानी से उपलब्ध है और कोई साइड इफेक्ट नहीं देता।
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सुपरफूड 3: पालक – फोलिक एसिड से भरपूर
पालक एक हरी सब्जी है जो शुक्राणु संख्या बढ़ाना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें फोलिक एसिड होता है, जो स्पर्म डीएनए को स्वस्थ रखता है।हो सकता है कि सोचकर टेंशन होता हो कि डाइट में पोषक तत्वों की कमी से समस्या बढ़ रही है, लेकिन पालक जैसे सुपरफूड्स आपकी इस टेंशन को दूर करके आपकी डाइट को पूरा करते हैं |
- लाभ: आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त प्रवाह बढ़ाते हैं।
- उपयोग: सलाद, सब्जी या जूस के रूप में लें।
- वैज्ञानिक तथ्य: अध्ययन दिखाते हैं कि फोलिक एसिड की कमी से स्पर्म असामान्य हो जाते हैं।
पालक को अपनी प्लेट में जगह दें और फर्क देखना शुरू करें |
तुलनात्मक तालिका: सुपरफूड्स में पोषक तत्वों की तुलना
नीचे एक तालिका है जो इन सुपरफूड्स में मुख्य पोषक तत्वों की तुलना करती है। यह आपको समझने में मदद करेगी कि कौन सा फूड किस तत्व में मजबूत है:
| सुपरफूड | मुख्य पोषक तत्व | शुक्राणु पर प्रभाव | दैनिक मात्रा सुझाव |
|---|---|---|---|
| बादाम | जिंक, विटामिन ई | स्पर्म काउंट बढ़ाता है | 20-30 ग्राम |
| केला | पोटैशियम, विटामिन बी6 | गतिशीलता सुधारता है | 1-2 पीस |
| पालक | फोलिक एसिड, आयरन | डीएनए स्वास्थ्य रखता है | 100 ग्राम |
| अखरोट | ओमेगा-3, जिंक | गुणवत्ता बढ़ाता है | 25 ग्राम |
| टमाटर | लाइकोपीन, विटामिन सी | एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव | 2-3 पीस |
| दाल | प्रोटीन, दाल के पोषक तत्व जैसे जिंक | ऊर्जा और उत्पादन बढ़ाता है | 50-100 ग्राम |
| अनार | एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी | रक्त प्रवाह सुधारता है | 1 पीस |
यह तालिका दिखाती है कि प्रत्येक फूड का अपना अनोखा योगदान है। शुक्राणु संख्या बढ़ाने के तरीके में इनकी संतुलित मात्रा लें।
सुपरफूड 4: अखरोट – ओमेगा-3 का राजा
अखरोट शुक्राणु बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ की सूची में ऊपर आता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो स्पर्म मेम्ब्रेन को मजबूत बनाता है। कई पुरुषों का दर्द है कि उनकी डाइट में फैट्स की कमी से समस्या होती है, लेकिन अखरोट इस हताशा को दूर करता है। आपकी इच्छा है बेहतर स्पर्म क्वालिटी, और इरादा है रोजाना शामिल करना।
- लाभ: एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शुक्राणु क्षति रोकते हैं।
- उपयोग: स्नैक के रूप में या सलाद में मिलाएं।
- टिप: अगर शुक्राणु संख्या कितनी होनी चाहिए से कम है, तो अखरोट मदद करेगा।
यह नट आसान और स्वादिष्ट है।
सुपरफूड 5: टमाटर – लाइकोपीन से युक्त
टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और स्पर्म काउंट बढ़ाने के उपाय में प्रभावी है। आपको सब्जियां बोरिंग लगती हैं, लेकिन टमाटर को विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल करके इसे रोचक बनाएं। बनाया जा सकता है
- लाभ: प्रोस्टेट स्वास्थ्य सुधारता है।
- उपयोग: सलाद, सूप या सब्जी में।
- वैज्ञानिक आधार: अध्ययन से पता चला है कि लाइकोपीन स्पर्म काउंट 70% तक बढ़ा सकता है।
टमाटर को अपनी रोजाना की डाइट का हिस्सा बनाएं।
सुपरफूड 6: दाल – प्रोटीन का पावरहाउस
दालें दाल के पोषक तत्व से भरपूर होती हैं, जैसे प्रोटीन, जिंक और फाइबर, जो शुक्राणु संख्या बढ़ाना में सहायक हैं। कई पुरुषों का दर्द बिंदु(pain point) है कि वेजिटेरियन डाइट में प्रोटीन की कमी, लेकिन दाल इस कमी को पूरा करती है। आपकी इच्छा है मजबूत स्पर्म, और हताशा दूर होती है।
- लाभ: अमीनो एसिड्स हार्मोन उत्पादन बढ़ाते हैं।
- उपयोग: दाल की सब्जी, सूप या स्प्राउट्स।
- टिप: विभिन्न दालें जैसे मूंग, उड़द मिलाकर खाएं।
यह भारतीय डाइट का अभिन्न हिस्सा है।
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- 02-हर्बल डिटॉक्स: मिथक, तथ्य(with example) और क्या जानना चाहिए
सुपरफूड 7: अनार – एंटीऑक्सीडेंट्स का फल
अनार वीर्य बढ़ाने के उपाय में प्रसिद्ध फल है| इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो रक्त प्रवाह(blood flow) बढ़ाते हैं। कभी कभी कुछ लोगों को इस बात कि चिंता होती है कि फल महंगे लगते हैं, लेकिन अनार का जूस सस्ता और प्रभावी(effective) है। और आपका इरादा होना चाहिए कि अपनी डाइट को डेली कुछ न कुछ इम्प्रूव(improve) करते रहे |
- लाभ: नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ाता है, जो स्पर्म स्वास्थ्य(sperm health) के लिए अच्छा है।
- उपयोग: जूस या दाने खाएं।
- वैज्ञानिक तथ्य: अध्ययन दिखाते हैं कि अनार स्पर्म गतिशीलता 20% बढ़ाता है।
अनार को अपनी लिस्ट में जोड़ें।

अतिरिक्त टिप्स:
जीवनशैली में बदलाव
इन सुपरफूड्स के अलावा, शुक्राणु संख्या बढ़ाने के घरेलू उपाय में व्यायाम, नींद और तनाव प्रबंधन शामिल हैं। आइये जानते हैं कुछ और तरीके भी जो शुक्राणु बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं
नियमित व्यायाम करें
शोध से पता चलता है कि नियमित शारीरिक गतिविधि टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने और वीर्य की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, पुरुष प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए व्यायाम की सबसे अच्छी तीव्रता(intensity) और अवधि(time duration) के बारे में शोध के नतीजे मिश्रित(mix) हैं।
एक २०१७ के शोध समीक्षा में पाया गया कि उच्च तीव्रता(high intensity) वाला व्यायाम वीर्य की गुणवत्ता पर ज्यादा सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। लेकिन २०२३ की एक शोध समीक्षा में पता चला कि बहुत ज्यादा व्यायाम( excessive workout) पुरुष प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अगर आप अभी शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं और अपनी प्रजनन क्षमता सुधारना चाहते हैं, तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ(health expert) से बात करें। वे आपके लिए सही शारीरिक गतिविधि(Physical Activity) योजना बना सकते हैं, जैसे व्यायाम का रूटीन(exercise routine)।
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पर्याप्त विटामिन C लें
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस तब होता है जब शरीर में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) का स्तर हानिकारक स्तर तक पहुँच जाता है। ऐसा बीमारी, बढ़ती उम्र, पर्यावरणीय प्रदूषकों या स्वस्थ जीवनशैली न अपनाने के कारण हो सकता है। शोध बताते हैं कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस शुक्राणु(sperm) की गुणवत्ता और संख्या को प्रभावित कर सकता है, जिससे पुरुष बांझपन का शिकार हो सकते हैं।
कुछ प्रमाणों से पता चलता है कि एंटीऑक्सीडेंट सप्लीमेंट लेने से पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है। विशेष रूप से, विटामिन C सप्लीमेंट वीर्य की गुणवत्ता सुधारने और पार्टनर की गर्भधारण दर बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। हालाँकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि पुरुष प्रजनन क्षमता पर एंटीऑक्सीडेंट की भूमिका को पूरी तरह समझने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।
तनाव कम करें और आराम करें
जब आप तनाव में हों तो सेक्स करने का मन करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन इसका असर सिर्फ मन न करने तक ही सीमित नहीं होता।
एक 2020 के अध्ययन से पता चला है कि तनाव और बर्नआउट का संबंध इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (नपुंसकता) और यौन संतुष्टि में कमी से है। तनाव को शुक्राणु की गुणवत्ता में कमी से भी जोड़ा गया है । इसका कारण कोर्टिसोल हो सकता है, जिसे अक्सर तनाव हार्मोन कहा जाता है। लंबे समय तक तनाव रहने से कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जो टेस्टोस्टेरोन स्तर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है ।
तनाव के स्तर को कम करने के कुछ तरीके ये हैं:
- टहलना (वॉक लेना)
- ध्यान (मेडिटेशन) करना
- व्यायाम करना(exercise)
- जर्नल में लिखना
- किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना
पर्याप्त विटामिन D लें
कुछ शोधों से पता चलता है कि विटामिन D की कमी और कम टेस्टोस्टेरोन स्तर के बीच संबंध हो सकता है, जो पुरुष प्रजनन क्षमता (मेल फर्टिलिटी) को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, 2020 के एक रिसर्च रिव्यू के लेखकों ने पाया कि विटामिन D टेस्टिकुलर (वृषण) और प्रोस्टेट फंक्शन में भूमिका तो निभाता है, लेकिन टेस्टोस्टेरोन स्तर बढ़ाने के लिए विटामिन D सप्लीमेंटेशन के कोई क्लिनिकली महत्वपूर्ण फायदे नहीं हैं। टेस्टोस्टेरोन स्तर बढ़ाने के लिए विटामिन D लेने से पहले किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ (हेल्थकेयर प्रोफेशनल) से जरूर बात करें। वे आपके लिए बेहतर विकल्प सुझा सकते हैं।
प्रजनन क्षमता बढ़ाने में कई चीजें मदद कर सकती हैं, लेकिन आपके लिए क्या काम करेगा, यह आपकी प्रजनन समस्याओं के कारण पर निर्भर करता है। इसी वजह से, आपकी समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाली कोई भी चीज आपकी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकती है।
पुरुष प्रजनन क्षमता बढ़ाने के कुछ अतिरिक्त टिप्स इस प्रकार हैं:
- अपने लिए स्वस्थ वजन बनाए रखना
- पौष्टिक और संतुलित आहार लेना
- नियमित शारीरिक गतिविधि करना, जैसे व्यायाम करना
- यदि आप धूम्रपान करते हैं तो उसे छोड़ देना
- इलेक्ट्रॉनिक्स के उपयोग को कम करना
यदि जीवनशैली में बदलाव से आपकी प्रजनन क्षमता में सुधार नहीं होता, तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करें। वे आपके लिए एक योजना बनाने में मदद कर सकते हैं।
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निष्कर्ष: अपना स्वास्थ्य संभालें
दोस्तों, शुक्राणु संख्या बढ़ाना कोई मुश्किल काम नहीं है अगर आप इन 7 सुपरफूड्स को अपनाएं। आपकी दर्द बिंदु, हताशाएं, इच्छाएं और इरादे सब ध्यान में रखते हुए मैंने यह जानकारी आपके साथ साझा की है। नियमित रूप से इनका सेवन करें और सकारात्मक बदलाव देखें। अगर कोई सवाल हो, तो कमेंट करें। स्वस्थ रहें!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
१. क्या ये सुपरफूड्स कितने समय में शुक्राणु संख्या बढ़ाने में असर दिखाते हैं?
ये सुपरफूड्स (जैसे बादाम, अखरोट, टमाटर, अनार आदि) पोषक तत्व प्रदान करते हैं जो शुक्राणु स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं, लेकिन इनका असर दिखने में आमतौर पर ३ महीने लगते हैं। क्योंकि शुक्राणु बनने की पूरी प्रक्रिया (स्पर्मेटोजेनेसिस) लगभग ७४ दिनों की होती है। अध्ययनों में नट्स या एंटीऑक्सीडेंट्स लेने से १२ हफ्तों (३ महीने) में शुक्राणु काउंट, गतिशीलता और गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। तुरंत असर की उम्मीद न करें – नियमित सेवन और स्वस्थ जीवनशैली जरूरी है।
२. अगर शुक्राणु संख्या बहुत कम है, तो क्या सिर्फ डाइट से ही ठीक हो सकती है?
डाइट और प्राकृतिक उपाय शुक्राणु संख्या बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, खासकर अगर कमी हल्की है या जीवनशैली (तनाव, खराब डाइट, धूम्रपान) से जुड़ी है। कई अध्ययनों में जिंक, ओमेगा-३, लाइकोपीन जैसे पोषक तत्वों से १६-४०% तक सुधार देखा गया है। लेकिन अगर शुक्राणु संख्या बहुत कम (<५ मिलियन/ml) है या कोई मेडिकल कारण (जैसे वैरिकोसील, हार्मोन असंतुलन, ब्लॉकेज) है, तो सिर्फ डाइट काफी नहीं हो सकती। ऐसे में डॉक्टर से जांच करवाएं – दवा, सर्जरी या IVF जैसे उपचार जरूरी हो सकते हैं।
३. क्या इन फूड्स के अलावा सप्लीमेंट्स लेना चाहिए?
प्राकृतिक फूड्स पर फोकस है, लेकिन अगर डाइट से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल रहे, तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स (जैसे जिंक, विटामिन सी, फोलिक एसिड, CoQ10) ले सकते हैं। अध्ययनों में एंटीऑक्सीडेंट सप्लीमेंट्स से शुक्राणु गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। लेकिन बिना जांच के ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट्स न लें – इससे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। पहले सेमेन एनालिसिस करवाकर कमी पता करें।
४. कम शुक्राणु संख्या के कोई लक्षण होते हैं क्या?
ज्यादातर मामलों में कम शुक्राणु संख्या के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। मुख्य संकेत है – १ साल तक बिना सुरक्षा के नियमित संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण न होना। कुछ मामलों में संबंधित लक्षण हो सकते हैं, जैसे यौन इच्छा कम होना, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, टेस्टिकल्स में दर्द/सूजन या हार्मोन असंतुलन के कारण थकान/बाल कम होना। अगर ऐसे लक्षण हैं या परिवार करने में दिक्कत, तो जल्दी डॉक्टर से मिलें।
५. कब डॉक्टर से मिलना चाहिए और क्या जांच करवानी चाहिए?
अगर आप और आपकी पार्टनर १ साल तक नियमित (हफ्ते में २-३ बार) संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पा रहे, तो डॉक्टर (यूरोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट) से मिलें। अगर महिला की उम्र ३५ से ज्यादा है, तो ६ महीने बाद ही जांच करवाएं। पहली जांच है सेमेन एनालिसिस – इससे शुक्राणु संख्या, गतिशीलता और गुणवत्ता पता चलती है। उसके बाद ब्लड टेस्ट (हार्मोन लेवल), अल्ट्रासाउंड या अन्य टेस्ट हो सकते हैं। जल्दी जांच से समस्या का कारण पता चलता है और इलाज आसान होता है। घबराएं नहीं – कई मामलों में इलाज से सुधार होता है!
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